रसोईया संघ के हड़ताल पर सरकार की हठधर्मिता से स्कूली बच्चों को नहीं मिल पा रहा है मध्यान भोजन – दीपक बैज
रायपुर – रसोईया संघ के हड़ताल पर सरकार की हठधर्मिता से स्कूली बच्चों को मध्यान भोजन नहीं मिल पा रहा है, बच्चे भूखे पेट घर लौटने मजबूर हैं। स्कूलों में अव्यवस्था और रसोईया संघ के आंदोलन के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि यह सरकार जायज़ मांगों पर निर्णय लेने के बजाय अनशन पर बैठे मध्यान भोजन रसोईया संघ आंदोलनकारियों पर सैकड़ों एफआईआर दर्ज करके जेल भेजने का डर दिखा रही है। यह सरकार कर्मचारियों की मांगे सुनने तक के लिए तैयार नहीं है, उल्टे बर्बरता पर उतर आई है, आंदोलन को कुचलने प्रशासनिक आतंक फैलाया जा रहा है। विधानसभा चुनाव के दौरान मोदी की गारंटी बताकर किए गए वायदे को पुरा कराने ही रसोईया संघ को आंदोलन करना पड़ रहा है, 100 दिन के भीतर सभी अनियमित, संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का वादा करके सत्ता में आयी भाजपा की सरकार अहंकारी हो गई है, और निर्ममता पूर्वक दमन पर उतर आई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भाजपा सरकार की वादाखिलाफी के चलते ही आंदोलनकारी प्रदर्शन के लिए मजबूर हुए हैं। केवल 500 रुपए मासिक की वृद्धि का सरकार का प्रस्ताव अपर्याप्त है, कलेक्टर दर पर न्यूनतम मजदूरी ही तो मांग है इनकी, 66 रुपए में किसी परिवार का पेट नहीं भरता। 86 हजार से अधिक मध्यान भोजन रसोईयों में ज्यादातर ग्रामीण महिलाएं हैं जो छोटे-छोटे दुधमुंहे बच्चों को लेकर खुले आसमान के नीचे भरी ठंड में सवा महीने से आंदोलित हैं, आंदोलन के दौरान दुलारी यादव और रुक्मणी सिन्हा की मौत हो गई, लेकिन अब तक इस सरकार की आंखे नहीं खुली है, तूता धरना स्थल पर जानबूझकर शौचालय, पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएं बाधित कर दी गई है, आंदोलनकारियों को जिम्मेदार नेता, मंत्री, और विधायक से मिलने से रोका जा रहा है, धक्का-मुक्की और मारपीट की जा रही है, अनशन के दौरान तबियत बिगड़ने पर एंबुलेंस तक की व्यवस्था नहीं किया जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि 500 से अधिक एफआईआर आंदोलित रसोईया संघ के लोगों पर किया गया है, शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगो पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे, जेल भेजने का डर दिखाया जा रहा है, यह सरकार आंदोलनकारियों को डराने, धमकाने में लगी है, गोल-मोल जवाब देकर झूठे दावे किए जा रहे हैं। दुलारी यादव और रुक्मणी सिन्हा की मौत पर भी यह सरकार परदेदारी करने साज़िश रच रही है। बहाने बाजी छोड़कर सरकार को संवेदनशीलता दिखाना चाहिए, कर्मचारी संघ से तत्काल चर्चा कर समाधान निकाले और आंदोलित रसोईया संघ के लोगों पर दर्ज एफ आई आर तत्काल वापस ले सरकार।

