अश्लील डांस का आनंद लेने वाला SDM को कमिश्नर ने किया सस्पेंड,लेकिन अन्य जिम्मेदारों पर उठ रहे हैं सवाल…
मैनपुर:- उरमाल में अश्लील डांस मामले में आखिरकार प्रशासन का हंटर चला हैं, कमिश्नर महादेव कांवरे ने आयोजन के लिए अनुमति देने वाले एसडीएम तुलसीदास मरकाम को निलंबित किया है,कमिश्नर ने यह कार्रवाई जांच में अश्लील डांस के लिए नियम विरुद्ध अनुमति देने की पुष्टि होने के बाद की है, एसडीएम ने न केवल अश्लील नृत्य कार्यक्रम को अनुमति दी थी, बल्कि खुद आयोजन में शामिल होकर प्रशासन की किरकिरी कराई थी। बता दें कि देवभोग थाना क्षेत्र के उरमाल में 6 दिवसीय ओपेरा का आयोजन किया गया था। मनोरंजन का हवाला देकर उरमाल के कुछ युवकों की समिति ने इसके लिए मैनपुर एसडीएम तुलसीदास मरकाम से अनुमति ली थी, लेकिन आयोजन के तीसरे दिन यानी 7 जनवरी से अश्लीलता परोसना शुरू किया गया, आयोजन के लिए बाकायदा ‘ओडिसा की सनी लियोनी’निशा महाराणा को बुलाया गया, जिसका अश्लील अंदाज में आयोजनकर्ताओं ने प्रचार-प्रसार करते वीडियो भी जारी किया था, जिसके बाद 8 जनवरी से भीड़ जुटने लगी, हद तो तब हो गई जब एसडीएम मरकाम इस आयोजन को देखने खुद 9 जनवरी को पहुंच गए थे। इससे पूर्व पुलिस द्वारा किए गए कार्यवाही में 14 आयोजकों एवं एक उड़ीसा के डांसर के ऊपर मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया जा चुका हैं,साथ ही कार्यक्रम में मौजूद 3 पुलिसकर्मियों को पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने लाइन अटैच किया था।

बाल कल्याण विभाग ने लिया संज्ञान:-
गरियाबंद के उरमाल गांव में आयोजित ओपेरा कार्यक्रम के वायरल वीडियो सामने आने के बाद वायरल वीडियो में नाबालिगों की मौजूदगी की आशंका ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। बाल संरक्षण से जुड़े पहलुओं को देखते हुए बाल कल्याण विभाग ने इस प्रकरण को संज्ञान में लिया है और महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रम में नाबालिग बच्चों की उपस्थिति की बारीकी से जांच की जाए। यदि जांच में बच्चों की मौजूदगी या संलिप्तता पाई जाती है, तो पाक्सो एक्ट एवं अन्य एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सूत्रों के मुताबिक वायरल वीडियो में नाबालिग छात्र होने का पूर्ण आशंका हैं, कार्यक्रम में नाबालिगों की मौजूदगी विभाग के जांच में पुष्टि होने के पश्चात स्थानीय प्रशासन के जिम्मेदारों पर सवालिया निशान खड़ा हों सकता हैं।

