March 7, 2026

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास और पुनर्वास योजनाओं को लेकर गंभीर नहीं है सरकार’ – दीपक बैज

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रायपुर – नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास के दावों को तथ्यहीन करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भाजपा सरकार के फोकस में केवल छत्तीसगढ़ के संसाधनों की लूट है। जंगलों की कटाई और जबरिया नए खदान खोलने का विरोध करने वाले आदिवासियों को या तो जेल भेजा जा रहा है या गोली मार दी जा रही है। एक तरफ नक्सली हिंसा से पीड़ित परिवार मुआवजे के लिए भटक रहे हैं, दूसरी तरफ आत्म समर्पित नक्सली पुनर्वास योजना का लाभ पाने के लिए भटक रहे हैं तो देश के गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर आकर वादा किया था कि जो भी गांव नक्सल मुक्त होगा उसे विकास के लिए एक करोड़ की राशि अलग से दी जाएगी, भारतीय जनता पार्टी की सरकार को यह बताना चाहिए कि बस्तर के कितने गांव को उक्त योजना के तहत एक-एक करोड़ की राशि दी गई? असलियत यह है कि भाजपा की सरकार केवल चंद पूंजीपति मित्रों के मुनाफे के लिए काम कर रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि विगत दिनों देश के गृहमंत्री अमित शाह ने उत्तर बस्तर और नारायणपुर जिलों को नक्सल मुक्त घोषित किया था, जिसका नोटिफिकेशन आज तक जारी नहीं हुआ। सरकार का दावा है कि विगत 2 वर्षों में 2386 नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है, सरकार को यह भी बताना चाहिए कि पुनर्वास योजना के दावों के अनुसार उनमें से कितने समर्पित नक्सलियों को वादे के अनुरूप सरकारी नौकरी, जमीन और आवास दिया गया है। हकीकत यह है कि सरकार के दावे केवल हवा हवाई है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकार के विकास के दावे खोखले हैं। कांग्रेस की सरकार के दौरान बस्तर के 582 गांव नक्शा मुक्त हुए थे। नक्सली घटनाओं में 64 प्रतिशत और शहादत में 80 प्रतिशत तक की कमी आयी थी, सैकड़ों रोड रस्ते, पुल पुलिया, मोबाइल टावर और सुरक्षा बलों के कैंप खुले। विकास विश्वास और सुरक्षा को लेकर पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के दौरान जो काम हुए उसी का सुखद परिणाम है कि आज सुरक्षा बलों के जवानों को शानदार सफलता मिल रही है। भाजपा की सरकार में तो स्थानीय आदिवासी प्रताड़ित किया जा रहे हैं पेसा कानून का घोर उल्लंघन अधिसूचित क्षेत्रों में खुलेआम किया जा रहा है, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के काम ठप पड़े है। इस सरकार के कॉरपोरेट परस्त नीतियों के चलते पूरे बस्तर संभाग में इस सरकार के खिलाफ बेहद आक्रोश का वातावरण है।

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