मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता मे कैबिनेट की बैठक खत्म,आत्मसमर्पित नक्सलियों से लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय पर लगी मुहर
रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक खत्म हो गई है। छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य से जुड़े तीन महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सरकार ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के खिलाफ चल रहे मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया को मंजूरी दी। इसके अलावा 14 अधिनियमों में सुधार के लिए जन विश्वास विधेयक-2025 के दूसरे संस्करण को स्वीकृति दी। साथ हीं वर्ष 2025-26 के प्रथम अनुपूरक बजट हेतु विनियोग विधेयक को भी इस बैठक में हरी झंडी दी है।
मंत्रिपरिषद के निर्णय :–
1 – आत्मसमर्पित नक्सलियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की वापसी की प्रक्रिया को आधिकारिक रूप से मंजूरी दी जाएगी। इसके लिए एक मंत्रिपरिषद उप-समिति बनाई जाएगी, जो सभी मामलों की जांच कर यह तय करेगी कि किन प्रकरणों को अदालत से वापस लिया जाना चाहिए। यह निर्णय छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 के अनुरूप है, जिसके तहत अच्छे आचरण और नक्सल उन्मूलन में योगदान देने वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों को राहत देने का प्रावधान है।
प्रकरणों की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय समितियां भी बनाई जाएंगी। ये समितियां प्रत्येक आत्मसमर्पित नक्सली के केस की रिपोर्ट तैयार कर पुलिस मुख्यालय को भेजेंगी। इसके बाद पुलिस मुख्यालय प्रस्ताव को अभिमत सहित शासन को भेजेगा। विधि विभाग की राय के बाद मामले उप-समिति के समक्ष रखे जाएंगे, जहां से अनुशंसित प्रकरणों को अंतिम मंजूरी के लिए मंत्रिपरिषद के पास भेजा जाएगा।
केंद्र से जुड़े मामलों के लिए भारत सरकार की अनुमति ली जाएगी, जबकि अन्य मामलों को लोक अभियोजन अधिकारी के माध्यम से अदालत में वापस लेने की प्रक्रिया जिला दंडाधिकारी द्वारा पूरी की जाएगी।
2 – मंत्रिपरिषद ने 14 अधिनियमों में बदलाव के लिए छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) (द्वितीय) विधेयक (Public Trust Bill), 2025 को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक का उद्देश्य पुराने कानूनों को समयानुसार बदलकर नागरिकों और व्यवसायों के लिए नियमों को अधिक आसान और समझने योग्य बनाना है।
कई अधिनियमों में छोटी गलतियों पर भी भारी जुर्माना या जेल का प्रावधान था, जिससे न्यायिक प्रक्रिया लंबी होती थी और लोगों व व्यापारियों पर अनावश्यक बोझ पड़ता था। Ease of Doing Business और Ease of Living को ध्यान में रखते हुए इन प्रावधानों को सरल बनाना जरूरी था। इससे पहले सरकार 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में बदलाव कर चुकी है। अब 11 विभागों के 14 अधिनियमों के 116 प्रावधानों को और सरल बनाया जाएगा।
नए विधेयक में छोटे उल्लंघनों पर प्रशासकीय दंड का विकल्प दिया गया है, जिससे मामले जल्दी निपटेंगे, अदालतों पर बोझ घटेगा और लोगों को तुरंत राहत मिलेगी। कई अधिनियमों में जुर्माने की राशि वर्षों से नहीं बदली थी, जिसे अब अपडेट कर प्रभावी बनाया जाएगा। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जो जन विश्वास विधेयक का दूसरा संस्करण लेकर आया है।
3 -मंत्रिपरिषद की बैठक में वर्ष 2025-26 के प्रथम अनुपूरक बजट को विधानसभा में पेश करने के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2025 को मंजूरी दे दी गई। यह विधेयक राज्य की विभिन्न योजनाओं और खर्चों के लिए अतिरिक्त बजट आवंटन की अनुमति देता है।

