अमेरा कोल खदान पर बवाल,आंदोलनरत ग्रामीण लाठी-डंडे, कुल्हाड़ियां और गुलेल लेकर पुलिस पर हमला, 40 जवान घायल
छत्तीसगढ़ – सरगुजा जिले के अंबिकापुर में परसोड़ी कला गांव के पास SECL की अमेरा कोल खदान विस्तार को लेकर बुधवार को भयंकर हिंसा भड़क गई। लंबे समय से आंदोलनरत ग्रामीण लाठी-डंडे, कुल्हाड़ियां और गुलेल लेकर पुलिस पर टूट पड़े, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। ग्रामीणों ने खदान कार्य रोकने के लिए शासकीय भूमि पर मशीनें रोक दीं, लेकिन पुलिस के पहुंचते ही पथराव शुरू हो गया।
भीड़ को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने अचानक हमला कर दिया, जिसमें करीब 40 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे प्रदर्शनकारी खदेड़े गए। कई ग्रामीण भी चोटिल बताए जा रहे हैं, जबकि वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी है।

ग्रामीणों का मुख्य आरोप है कि 20 साल पहले खदान शुरू करते समय SECL ने मुआवजा, नौकरी और प्रभावित परिवारों को जमीन का वादा किया था, जो पूरा नहीं हुआ। गुजरात की L&T कंपनी को ठेका देकर बिना ग्रामसभा अनुमति मिट्टी खुदाई शुरू करने से आक्रोश भड़का। ग्रामीणों का कहना है कि जान जाएगी लेकिन जमीन नहीं देंगे। SECL का पक्ष है कि भूमि केंद्र सरकार ने अधिग्रहित की है और सभी नियमों का पालन हो रहा।
अमेरा कोल माइंस क्षेत्र में अब भी तनाव व्याप्त है, धरना-प्रदर्शन जारी हैं। अधिकारियों ने ग्रामीणों से हिंसा छोड़कर अदालत का रास्ता अपनाने की अपील की है। पिछले महीनों से चला आ रहा यह विवाद कोयला उत्पादन और पर्यावरण को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। स्थानीय विधायक और प्रशासन वार्ता की कोशिश में जुटे हैं।

