राष्ट्रीय हिंदू संगठन ने मनाया 13वां स्थापना दिवस
( रिपोर्ट – बिप्लव दत्ता ) रायपुर– राष्ट्रीय हिंदू संगठन (RHS) ने राजधानी के वृंदावन हॉल, सिविल लाइन में अपना 13वां स्थापना दिवस पूरी श्रद्धा और वैचारिक संकल्प के साथ मनाया। प्रदेश अध्यक्ष खोकन कुंडू के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में संतों, समाज प्रमुखों और संगठन के कार्यकर्ताओं का संगम देखने को मिला।
धार्मिक अनुष्ठान और संतों का आशीर्वाद
कार्यक्रम का शुभारंभ हनुमान चालीसा के पाठ और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मंच पर प्रमुख रूप से सदानी दरबार 9 पीठाधीश डॉ. युधिष्ठिर महाराज और दक्षिणेश्वर पीठाधीश राजीव लोचन दास महाराज उपस्थित रहे।

अपने आध्यात्मिक उद्बोधन में डॉ. युधिष्ठिर महाराज ने बल दिया कि “व्यक्ति निर्माण तभी देश का निर्माण” संभव है। उन्होंने समाज में अच्छी भावना, निस्वार्थ सेवा और देशभक्ति की भावना को विकसित करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। वहीं, राजीव लोचन दास महाराज ने मधुर ‘हरे राम हरे कृष्णा’ भजन गाकर उपस्थित लोगों को भक्ति रस में डुबो दिया।
सम्मान समारोह: कार्यकर्ताओं और समाज प्रमुखों का अभिनन्दन
प्रदेश अध्यक्ष खोकन कुंडू ने सबसे पहले दोनों पूज्य पीठाधीश्वरों को शॉल, श्रीफल और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद, संगठन के पदाधिकारी शशि शेखर, रवि विद्यार्थी, और अभय निर्मलकर को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

इस दौरान, राजीव बिछारिया, निर्मल रिछारिया, महुआ मजूमदार, रुणाली चक्रवर्ती, यश पटेल, गणेश दास, राजा घोष सहित कई अन्य समाज प्रमुखों और कार्यकर्ताओं का भी अभिनंदन किया गया।
100 करोड़ हिंदू’ और ‘हिंदू राष्ट्र’ का दोहराया संकल्प
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष खोकन कुंडू ने अपने संबोधन में बताया कि संगठन का 13वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है और रायपुर में यह द्वितीय वर्षगाँठ है। उन्होंने संगठन के मूल सिद्धांतों को दोहराया, जिसमें 100 करोड़ हिंदुओं को एकजुट करने का लक्ष्य शामिल है।
कुंडू ने कहा कि राष्ट्रीय हिंदू संगठन हिंदू राष्ट्र की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए व्यक्ति निर्माण (सत् भावना, देशभक्ति), आत्मनिर्भर भारत के निर्माण और गौ माता की सेवा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
यह कार्यक्रम धार्मिक अनुष्ठान और संगठनात्मक संकल्प का मिश्रण रहा, जिसके माध्यम से संगठन ने छत्तीसगढ़ में अपनी वैचारिक और सामाजिक सक्रियता को मज़बूत करने का संदेश दिया।

