रायपुर – छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला इन दिनों लगातार विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। पूर्व कांग्रेस नेत्री और वर्तमान में भाजपा की नेता राधिका खेड़ा ने उन पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में राधिका खेड़ा ने दावा किया कि सुशील आनंद शुक्ला ने उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के मछलीशहर तहसील में करोड़ों की जमीन खरीदी है।
राधिका खेड़ा ने उठाए सवाल कि
“क्या यह पैसा शराब घोटाले से आया है? या फिर महादेव ऐप और कोयला खनन से?” उन्होंने चेतावनी देते हुए लिखा, “बताओ कलेक्टर, नहीं तो मैं करूँगी खुलासा।”
भाजपा प्रवक्ता का भी बड़ा दावा
भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने भी इस मामले को लेकर सुशील आनंद शुक्ला पर निशाना साधा। उन्होंने कहा,
“सूत्रों के मुताबिक, गंजेड़ी सुशील ने पांच साल की दलाली के पैसों से अकूत संपत्ति अर्जित की है। रायपुर में एक अवैध कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी करवाया गया है, जिसका कागज निकलवा रहा हूँ, जल्द उसमें बुलडोजर चलाया जाएगा।”
राजनीतिक टकराव की जड़ क्या है?
इस पूरे विवाद ने उस वक्त तूल पकड़ा जब सुशील आनंद शुक्ला से जुड़ी एक खबर “भूपेश एक्सप्रेस” नामक पोर्टल में छपी, जिसमें कहा गया कि जल्द ही संचार प्रमुख बदले जा सकते हैं। इस रिपोर्ट में संभावित नामों का भी जिक्र किया गया था। इसके बाद शुक्ला ने पत्रकार बिप्लव दत्ता को कानूनी नोटिस भेजा, जिससे मामला और गरमा गया।
कार्यक्रम के दौरान तीखी बहस और वीडियो वायरल
बीते दिनों कांग्रेस द्वारा आयोजित आर्थिक नाकेबंदी कार्यक्रम के दौरान सुशील शुक्ला और रायपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश दुबे के बीच बहस हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गाली-गलौज और आपत्तिजनक भाषा का भी प्रयोग हुआ। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें नेता एक-दूसरे को उंगलियां दिखाते हुए नजर आए।
राधिका खेड़ा का लंबा विवाद
राधिका खेड़ा और सुशील शुक्ला के बीच पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं। एक पुराने वीडियो में दोनों के बीच जोरदार बहस और धक्का-मुक्की के दृश्य सामने आए थे। इसके बाद राधिका खेड़ा ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें भी शुक्ला द्वारा बंद कमरे में गालियाँ और धमकियाँ दी गई थीं।
भविष्य की राह: कार्रवाई या सियासी साजिश?
अब राधिका खेड़ा ने फिर से शुक्ला के जौनपुर स्थित पैतृक गाँव में अवैध संपत्ति के मुद्दे को उठाकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। वहीं भाजपा प्रवक्ता लगातार शुक्ला को घेरते नजर आ रहे हैं। देखना होगा कि कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले में क्या रुख अपनाती है और क्या यह मामला केवल बयानबाज़ी तक सीमित रहेगा या कानूनी कार्रवाई तक पहुँचेगा।