छात्राओं ने कलेक्टर से लगाई गुहार: खराब सड़क की मरम्मत की मांग, कहा- स्कूल जाना जोखिम भरा सफर
बलौदाबाजार – जिला अब सीमेंट उद्योगों का केंद्र बन चुका है, जहां अल्ट्राटेक सीमेंट जैसे बड़े संयंत्र स्थापित हैं। हालांकि इन उद्योगों से जहां एक तरफ आर्थिक गतिविधियां तेज़ हुई हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों के लिए कई समस्याएं भी खड़ी हो गई हैं। इनमें सबसे गंभीर समस्या सड़कों की जर्जर हालत है, जो खासकर स्कूली बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो रही है।
सकलोर गांव की दर्जनों स्कूली छात्राएं आज बलौदाबाजार कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने हिरमी तक की लगभग 3 किलोमीटर लंबी सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। छात्राओं ने बताया कि यह सड़क रोज़ाना उनके स्कूल आने-जाने का रास्ता है, लेकिन भारी वाहनों और ट्रकों की लगातार आवाजाही ने इसे गड्ढों से भर दिया है।
छात्राओं ने यह भी बताया कि हिरमी स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट संयंत्र ने उनके गांव सकलोर को “गोद ग्राम” घोषित किया है। इसके बावजूद न तो गांव के विकास की दिशा में कोई ठोस प्रयास किए गए हैं, और न ही बच्चों के लिए कोई बुनियादी सुविधा जैसे पक्की सड़क या स्कूल बस की व्यवस्था की गई है।
गड्ढों से भरी सड़कों पर बच्चों का रोज गिरना, कपड़ों का खराब होना और समय पर स्कूल न पहुंच पाना अब आम बात हो गई है। छात्राओं ने प्रशासन से यह भी मांग की कि जब तक सड़क की मरम्मत नहीं होती, तब तक बच्चों के लिए बस सेवा शुरू की जाए।
स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों ने छात्राओं की इस पहल का समर्थन किया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि प्रशासन और अल्ट्राटेक सीमेंट संयंत्र दोनों मिलकर जल्द इस समस्या का समाधान करेंगे।

