March 6, 2026

मांगों पर दो माह से सरकार की चुप्पी – संविदा स्वास्थ्य कर्मियों में व्याप्त है भारी आक्रोश

0
nq63AnQ8_200x200

छत्तीसगढ़ – राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारी संघ ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी वर्षों पुरानी व न्यायोचित मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो आगामी विधानसभा मानसून सत्र (14 से 18 जुलाई 2025) के दौरान बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

मई 2025 में संघ के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया और मिशन संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला से मुलाकात कर नियमितीकरण, ग्रेड पे, मेडिकल अवकाश, स्थानांतरण नीति जैसे बिंदुओं पर चर्चा की थी। अधिकारियों द्वारा एक माह में सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन दो माह बाद भी कोई निर्णय या ठोस कार्यवाही नहीं हुई है, जिससे कर्मियों में घोर असंतोष व्याप्त है।

शासन की उदासीनता से टूटा धैर्य – आंदोलन की सिफारिश जिलों से शुरू

संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी ने बताया कि सभी जिलों से कर्मचारी आंदोलन में भाग लेने के लिए तैयार हैं और जिलाध्यक्षों द्वारा अनिश्चितकालीन आंदोलन की अनुशंसा की गई है।
वहीं संघ के प्रवक्ता श्री पूरन दास ने कहा,

“NHM संविदा कर्मियों का सब्र अब जवाब दे चुका है। शासन-प्रशासन की निष्क्रियता और वादाखिलाफी, सुशासन के दावों की असलियत उजागर कर रही है।”

बीते दो दशकों से अत्यंत विषम परिस्थितियों में कार्यरत ये कर्मी बिना ग्रेड पे, बिना मेडिकल अवकाश, और अल्प वेतन में भी निरंतर जनस्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं।

जनस्वास्थ्य को खतरा – जिम्मेदारी सरकार की होगी

NHM कर्मियों की बदौलत ही छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कई राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। लेकिन इन्हीं कर्मियों की उपेक्षा सरकार के दोहरे मापदंड को उजागर करती है।

मानसून के इस दौर में डायरिया, डेंगू, मलेरिया, उल्टी, सर्पदंश जैसी बीमारियों का प्रकोप आम है। ऐसे समय पर यदि हजारों कर्मी आंदोलन के लिए बाध्य होते हैं, तो इसका असर सीधे जनजीवन पर पड़ेगा। इस स्थिति की पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

अब भी अवसर है – सरकार करे संवेदनशील निर्णय

NHM संघ राज्य सरकार से पुनः आग्रह करता है कि संविदा कर्मियों की न्यायोचित, गैर-राजनीतिक और जनहितकारी मांगों पर तुरंत संज्ञान लेकर समाधान किया जाए, ताकि न सिर्फ कर्मचारियों का मनोबल बना रहे, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था भी सुचारु बनी रह सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed