साय कैबिनेट के अहम फैसले,परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए फैसला,NIFT कैंपस को नया रायपुर में दी मंजूरी
रायपुर – छत्तीसगढ़ की कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। नवा रायपुर में NIFT कैंपस को मंजूरी मिली, प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले स्थानीय उम्मीदवारों को परीक्षा शुल्क लौटाने का फैसला हुआ और छोटे व्यापारियों की 25 हजार तक की लंबित वैट देनदारी माफ करने का बड़ा ऐलान किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में मंगलवार को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
राज्य सरकार ने नवा रायपुर में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान के नए परिसर को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट पर कुल अनुमानित लागत 271.18 करोड़ रुपये होगी।

जिसमें 21.18 करोड़ रुपये भूमि के लिए, 200 करोड़ रुपये भवन निर्माण और 50 करोड़ रुपये मशीनरी व फर्नीचर के लिए खर्च होंगे। इस फैसले से प्रदेश के युवाओं को फैशन शिक्षा में देश के बेहतरीन संस्थानों में शिक्षा पाने का अवसर मिलेगा।
राज्य में अब छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, व्यापम और विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं में भाग लेने वाले स्थानीय अभ्यर्थियों को दी गई परीक्षा शुल्क की राशि वापिस की जाएगी। इससे योग्य उम्मीदवारों की परीक्षा में उपस्थिति बढ़ेगी और राज्य सरकार को आर्थिक क्षति से भी राहत मिलेगी।
छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने छोटे व्यापारियों को राहत देते हुए 10 साल से ज्यादा पुराने लंबित मामलों में 25,000 रुपये तक की वैट देनदारी माफ करने का फैसला किया है। इससे 40,000 से अधिक व्यापारियों को लाभ मिलेगा और 62,000 से ज्यादा मुकदमों में कमी आएगी।
राज्य सरकार ने जैव अपशिष्ट सह कृषि अपशिष्ट के प्रसंस्करण के लिए बायो-CNG संयंत्रों की स्थापना हेतु रियायती दर पर सरकारी भूमि आवंटन की सहमति दी है। इससे नगरीय प्रशासन और नगर निगमों को स्वच्छता और ऊर्जा के क्षेत्र में नई दिशा मिलेगी।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अंतर्गत अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक की शक्कर अब राज्य की सहकारी चीनी मिलों से खरीदी जाएगी। इसके लिए ₹37,000 प्रति टन (एक्स फैक्ट्री) की दर तय की गई है। इससे सहकारी मिलों को बढ़ावा मिलेगा।
भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को राज्य में हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र स्थापित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इसके लिए 100 एकड़ भूमि टोकन दर पर दी जाएगी, जिससे राज्य में रोजगार और सूक्ष्म-लघु उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

