माना कैम्प के ऐतिहासिक तालाब की सुरक्षा दीवार में सेंध,मुरम माफिया ने तट को भी नही बक्शा,समय से पहले ठीक नही हुआ तो गर्मी में हो सकता है भीषण जल संकट
रायपुर / माना – ऐतिहासिक तालाब की सुरक्षा दीवार अब धीरे – धीरे टूटने के कगार में है। जिससे तालाब से पानी की निकासी नहीं रूक पा रही है। दरअसल नगर पंचायत माना कैम्प के ऐतिहासिक तालाब में करीब पचास वर्ष पहले बनाई गई है। अक्सर गर्मी में जल संकट की स्थित बनी रहती है। आम जनता इस तालाब पर निर्भर है। माना कैम्प में जनसंख्या 10 हजार से ज्यादा है।

पिछले साल माना कैम्प में जल संकट की भयावह स्थिति थी। तालाब के गहरीकरण को लेकर बंदरबाट हुआ था। जिससे आम जनता को गर्मी में पानी को लेकर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। अब मार्च में गर्मी शुरू हो गई है। और गर्मी को देखते हुए तालाब में भी पानी लबालब है। इससे ऐसा प्रतित हो रहा है। कि गर्मी में जल संकट की समस्या खत्म हो चुकी है। पर ऐसा नही है।

अब तालाब में एक नई समस्या खड़ी हो गई। पिछले साल नगर पंचायत से तालाब के गहरीकरण को लेकर टेंडर जारी किया था। गहरीकरण को लेकर मुरम माफिया ने तालाब के सुरक्षा दीवार या फिर तट को भी नही बक्शा। सुरक्षा दीवार के मुरम को निगल गए। और मिट्टी पाटकर आस्थाई सुरक्षा दीवार बना दिया। जिसके कारण तालाब का पानी मुख्य सड़क में आ गया। स्थानीय जनप्रतिनिधि ने पहुचकर, सुरक्षा दीवार में मलमा, बोल्डर और पत्थर लगाकर पानी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहा।

इसके पानी की निकासी लगातार हो रही है। स्थानीय लोगो ने बताया कि पानी की निकासी हो जाने के कारण तालाब में पानी की कमी हो जाएगी और आगामी दिनों में पानी का संकट का सामना करना पड़ सकता है।

तालाब की सुरक्षा दीवार को लादकर सड़क मार्ग में पानी आ जाने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कारगर कदम नहीं उठाए जा रहा हैं।

