ट्रैफिक पुलिस आरक्षक ने की आत्महत्या,शव पर खून के निशान मिले,पुलिस कर रही मामले की जांच
कोण्डागांव – जिले में ट्रैफिक पुलिस आरक्षक विकास पाण्डेय ने अज्ञात कारणों से आत्महत्या कर ली। उनका शव बीईओ कार्यालय के पास उनके सरकारी आवास के बाहर पेड़ से लटका मिला। शव पर खून के निशान मिलने से यह मामला संदिग्ध लग रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि विकास पाण्डेय मूल रूप से लिहागांव, बड़ेराजपुर के रहने वाले थे। वे अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ कोण्डागांव में रह रहे थे। 19 मार्च को वे अपने ससुराल गिरोला गांव गए थे। वहां से ड्यूटी पर लौटने की बात कहकर अकेले कोण्डागांव आए थे।
लौटते समय उनकी कार एक आम के पेड़ से टकरा गई थी। इस हादसे में वे मामूली रूप से घायल हुए थे। बावजूद इसके, वे कोण्डागांव पहुंचे और उसी रात आत्महत्या कर ली।
पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। परिजनों और सहकर्मियों से पूछताछ की जा रही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।
इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है। मृतक के परिवार और सहयोगी इस घटना से सदमे में हैं। सभी को यह जानने की बेचैनी है कि आखिर आत्महत्या के पीछे की असली वजह क्या थी।

