May 16, 2026

इंडक्शन ट्रेनिंग में डिप्टी कलेक्टर्स पहुंचे थाना कोतवाली, पुलिस-प्रशासन समन्वय की बारीकियों को समझा

0
IMG-20260515-WA0026(1)_copy_1263x809

रायपुर – छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी निमोरा में आयोजित लोक सेवा आयोग से चयनित डिप्टी कलेक्टर्स के “परिचयात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम” के तहत शुक्रवार को प्रशिक्षणार्थियों ने थाना कोतवाली का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान नवचयनित अधिकारियों को पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली, कानून-व्यवस्था बनाए रखने की रणनीतियों और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त रायपुर कमिश्नरेट डॉ. अर्चना झा ने प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों को पुलिस एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के बीच समन्वय की भूमिका पर विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि किसी भी जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल अत्यंत आवश्यक होता है। एसडीएम स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियां केवल राजस्व प्रशासन तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि शांति व्यवस्था, प्रतिबंधात्मक कार्यवाही और संवेदनशील परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

थाना कोतवाली भ्रमण के दौरान एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा एवं थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश सिंह गहरवार ने प्रशिक्षणार्थियों को थाने की दैनिक कार्यप्रणाली से अवगत कराया। अधिकारियों ने अपराध पंजीयन प्रक्रिया, रोजनामचा संधारण, बेसिक रजिस्टरों का संचालन, सीसीटीएनएस प्रणाली तथा पुलिसिंग के आधुनिक तौर-तरीकों की जानकारी विस्तार से दी।

प्रशिक्षणार्थियों को यह भी बताया गया कि किसी घटना के बाद पुलिस किस प्रकार प्राथमिक सूचना दर्ज करती है, जांच की प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ती है और न्यायालयीन कार्रवाई तक पुलिस की भूमिका किस प्रकार रहती है। इसके साथ ही कानून-व्यवस्था की स्थिति में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों के बीच समन्वय की आवश्यकता को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया।

भ्रमण के दौरान प्रशिक्षणार्थी डिप्टी कलेक्टर्स ने थाना परिसर की विभिन्न शाखाओं, अभिलेखों एवं दस्तावेजों का भी अवलोकन किया। विशेष कार्यपालिक मजिस्ट्रेट कोतवाली न्यायालय का निरीक्षण कर न्यायालयीन प्रक्रियाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने उन्हें प्रतिबंधात्मक धाराओं के उपयोग, शांति भंग की आशंका वाले मामलों में कार्रवाई तथा आपात परिस्थितियों में प्रशासनिक निर्णय लेने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया।

इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थी डिप्टी कलेक्टर्स राजेश्वर वर्मा, निधि प्रधान, नंदनी साहू, गौरव चंदेल, रमेश दीवान, लवकेश्वर यादव एवं सत्येंद्र कुमार बजाज उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझने में गहरी रुचि दिखाई और विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे।

प्रशिक्षणार्थियों द्वारा पुलिस प्रशासन और राजस्व प्रशासन के संयुक्त कार्यों, संवेदनशील मामलों में निर्णय प्रक्रिया, कानून-व्यवस्था प्रबंधन तथा न्यायालयीन समन्वय से जुड़े कई प्रश्न पूछे गए, जिनका अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक समाधान किया।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम नवचयनित डिप्टी कलेक्टर्स को प्रशासनिक दायित्वों की व्यवहारिक समझ देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल से आम जनता को त्वरित एवं प्रभावी शासन व्यवस्था उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed